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    फैशन डिजाइनर कैसे बनें? जानें कोर्स, योग्यता, प्रवेश परीक्षा और करियर
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    • फैशन डिजाइनर कैसे बनें? जानें कोर्स, योग्यता, प्रवेश परीक्षा और करियर

    फैशन डिजाइनर कैसे बनें? जानें कोर्स, योग्यता, प्रवेश परीक्षा और करियर

    Mithilesh KumarUpdated on 15 Sep 2026, 10:59 AM IST

    फैशन डिजाइनिंग रचनात्मकता, कला और तकनीकी कौशल का ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कपड़ों और एक्सेसरीज के डिजाइन तैयार करने से लेकर उन्हें बाजार की जरूरतों के अनुसार विकसित करने तक कई तरह के काम शामिल होते हैं। बदलते फैशन ट्रेंड, सोशल मीडिया और ऑनलाइन फैशन बाजार के विस्तार के कारण इस क्षेत्र में करियर के कई अवसर उपलब्ध हैं।

    This Story also Contains

    1. फैशन डिजाइनर क्या करता है?
    2. फैशन डिजाइनिंग में करियर क्यों चुनें?
    3. कौन-कौन से छात्र फैशन डिजाइनिंग करियर के लिए उपयुक्त हैं?
    4. फैशन डिजाइनर कैसे बनें?
    5. फैशन डिजाइनर बनने के लिए योग्यता
    6. क्या किसी विशेष स्ट्रीम की जरूरत है?
    7. न्यूनतम अंक और अन्य पात्रता शर्ते
    8. फैशन डिजाइनिंग के कौन-कौन से कोर्स करें?
    9. फैशन डिजाइनिंग में एडमिशन के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षाएं दें?
    10. अन्य डिजाइन प्रवेश परीक्षाएं
    11. फैशन डिजाइनर बनने के लिए जरूरी स्किल्स
    12. फैशन डिजाइनिंग में पोर्टफोलियो कैसे बनाएं?
    13. पोर्टफोलियो को कैसे प्रस्तुत करें?
    14. फैशन डिजाइनिंग के लिए टॉप कॉलेज
    15. अन्य प्रमुख फैशन और डिजाइन संस्थान
    16. फैशन डिजाइनिंग के बाद प्रमुख करियर विकल्प
    17. फैशन डिजाइनर की सैलरी कितनी होती है?
    18. फ्रेशर फैशन डिजाइनर की सैलरी
    19. ब्रांड या डिजाइन हाउस में नौकरी बनाम फ्रीलांस काम
    20. फ्रीलांस फैशन डिजाइनर:
    21. अपना फैशन व्यवसाय शुरू करने पर कमाई
    22. 10वीं के बाद फैशन डिजाइनर कैसे बनें?
    23. 10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्स करें
    24. प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम से शुरुआत करें
    25. 12वीं की पढ़ाई पूरी करें
    26. 10वीं के बाद डिजाइनिंग स्किल विकसित करें
    27. 12वीं के बाद डिग्री कोर्स करें
    28. 12वीं के बाद फैशन डिजाइनर कैसे बनें?
    29. 12वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग के डिग्री विकल्प
    30. सही कॉलेज का चयन कैसे करें?
    31. 12वीं के बाद फैशन डिजाइनर बनने का करियर पाथवे

    फैशन डिजाइनर कैसे बनें, यह जानने के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले शैक्षणिक योग्यता, डिजाइनिंग स्किल्स, कोर्स, प्रवेश परीक्षाओं, कॉलेज और करियर विकल्पों के बारे में समझना चाहिए। 10वीं या 12वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश लिया जा सकता है और आगे डिप्लोमा, यूजी या पीजी स्तर के कोर्स किए जा सकते हैं।

    इस लेख में फैशन डिजाइनर बनने का पूरा रोडमैप, आवश्यक योग्यता, कोर्स, प्रवेश परीक्षा, जरूरी स्किल्स, करियर विकल्प और शुरुआती वेतन की जानकारी दी गई है।

    फैशन डिजाइनर क्या करता है?

    फैशन डिजाइनर का मुख्य काम नए कपड़ों और फैशन प्रोडक्ट्स के डिजाइन तैयार करना और उन्हें विकसित करना होता है। डिजाइनर किसी कलेक्शन को तैयार करते समय फैशन ट्रेंड, रंग, कपड़े के प्रकार, ग्राहकों की पसंद और बाजार की मांग जैसे पहलुओं को ध्यान में रखता है।

    फैशन डिजाइनर के प्रमुख कामों में शामिल हैं:

    • नए कपड़ों और कलेक्शन के डिजाइन तैयार करना।

    • स्केच और डिजाइन कॉन्सेप्ट बनाना।

    • कपड़े, रंग और पैटर्न का चयन करना।

    • फैब्रिक और अन्य मटेरियल के साथ प्रयोग करना।

    • डिजाइन के सैंपल और प्रोटोटाइप तैयार करवाना।

    • टेलर, पैटर्न मेकर और अन्य टीम सदस्यों के साथ काम करना।

    • मौजूदा फैशन ट्रेंड और बाजार की मांग पर नजर रखना।

    • डिजाइन को ग्राहक या ब्रांड की जरूरत के अनुसार तैयार करना।

    • फैशन कलेक्शन की प्रस्तुति और लॉन्च में योगदान देना।

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    फैशन डिजाइनिंग में करियर क्यों चुनें?

    फैशन डिजाइनिंग उन विद्यार्थियों के लिए अच्छा करियर विकल्प हो सकता है, जिन्हें क्रिएटिव काम, डिजाइन, कपड़े, रंग और फैशन ट्रेंड्स में रुचि है। इस क्षेत्र में नौकरी के साथ-साथ अपना फैशन ब्रांड या डिजाइन स्टूडियो शुरू करने का विकल्प भी रहता है।

    फैशन डिजाइनिंग में करियर चुनने के कुछ प्रमुख कारण हैं:

    क्रिएटिविटी को करियर बनाना: यदि आपको नए डिजाइन और आइडिया तैयार करना पसंद है, तो यह क्षेत्र आपकी रचनात्मकता को करियर में बदलने का अवसर देता है।

    • करियर के अलग-अलग विकल्प: फैशन डिजाइनर के अलावा फैशन मर्चेंडाइजर, टेक्सटाइल डिजाइनर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, स्टाइलिस्ट और फैशन इलस्ट्रेटर जैसे क्षेत्रों में भी काम किया जा सकता है।
    • अपना ब्रांड शुरू करने का अवसर: अनुभव और जरूरी कौशल हासिल करने के बाद डिजाइनर अपना फैशन लेबल या बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
    • फैशन इंडस्ट्री का व्यापक क्षेत्र: कपड़ों के अलावा फुटवियर, एक्सेसरीज, टेक्सटाइल और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में भी अवसर मिलते हैं।
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    कौन-कौन से छात्र फैशन डिजाइनिंग करियर के लिए उपयुक्त हैं?

    फैशन डिजाइनिंग के लिए किसी एक विशेष स्ट्रीम के विद्यार्थियों का होना जरूरी नहीं है। 12वीं के बाद अलग-अलग स्ट्रीम के विद्यार्थी अपनी रुचि और पात्रता के अनुसार फैशन डिजाइनिंग के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।

    इस करियर के लिए विद्यार्थियों में निम्न गुण उपयोगी हो सकते हैं:

    • क्रिएटिव सोच: नए और अलग डिजाइन तैयार करने की क्षमता।

    • ड्रॉइंग और स्केचिंग में रुचि: डिजाइन आइडिया को कागज या डिजिटल माध्यम पर प्रस्तुत करने की क्षमता।

    • रंग और डिजाइन की समझ: रंगों, पैटर्न और टेक्सचर को समझना।

    • फैशन ट्रेंड की जानकारी: नए फैशन और ग्राहकों की बदलती पसंद को समझना।

    • कम्युनिकेशन स्किल: टीम, ग्राहक और अन्य प्रोफेशनल्स के साथ प्रभावी संवाद।

    • धैर्य और बारीकी पर ध्यान: डिजाइन तैयार करने और उसमें सुधार करने की क्षमता।

    • बिजनेस की समझ: यदि भविष्य में अपना ब्रांड शुरू करना चाहते हैं, तो मार्केटिंग और बिजनेस की बुनियादी समझ भी उपयोगी होगी।

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    फैशन डिजाइनर कैसे बनें?

    फैशन डिजाइनर बनने के लिए केवल फैशन और कपड़ों में रुचि होना पर्याप्त नहीं है। इस क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए डिजाइनिंग की समझ, स्केचिंग, फैब्रिक की जानकारी, तकनीकी कौशल और इंडस्ट्री एक्सपीरियंस विकसित करना जरूरी है। विद्यार्थी नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप रोडमैप को अपनाकर फैशन डिजाइनिंग में करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

    1. 10वीं/12वीं पूरी करें

    फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने की शुरुआत 10वीं या 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद की जा सकती है। 12वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स किए जा सकते हैं। किसी विशेष स्ट्रीम से 12वीं करना हर फैशन डिजाइनिंग कोर्स के लिए अनिवार्य नहीं होता, हालांकि संबंधित संस्थान की पात्रता शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।

    2. फैशन डिजाइनिंग कोर्स चुनें

    12वीं के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार फैशन डिजाइनिंग का कोर्स चुन सकते हैं। इसमें बी.डेस इन फैशन डिजाइन, बीएफ टेक, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स जैसे विकल्प शामिल हैं।

    कोर्स चुनते समय संस्थान की प्रतिष्ठा, पाठ्यक्रम, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसे पहलुओं की जानकारी जरूर लें।

    3. प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें

    कई प्रतिष्ठित संस्थानों में फैशन डिजाइनिंग कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इन परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, क्रिएटिव एबिलिटी, डिजाइनिंग और विजुअलाइजेशन जैसे क्षेत्रों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

    प्रवेश परीक्षा की तैयारी के साथ विद्यार्थियों को अपनी क्रिएटिविटी और डिजाइनिंग क्षमता पर भी लगातार काम करना चाहिए।

    4. डिजाइनिंग और स्केचिंग स्किल विकसित करें

    एक फैशन डिजाइनर के लिए अपने आइडिया को स्केच के रूप में प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण कौशल है। इसलिए शुरुआती स्तर से ही फैशन इलस्ट्रेशन, ड्रॉइंग, कलर कॉम्बिनेशन, पैटर्न और डिजाइन का अभ्यास करना चाहिए।

    समय के साथ विद्यार्थियों को डिजिटल डिजाइनिंग और फैशन डिजाइनिंग से जुड़े सॉफ्टवेयर की जानकारी भी हासिल करनी चाहिए।

    5. पोर्टफोलियो तैयार करें

    फैशन डिजाइनिंग में पोर्टफोलियो विद्यार्थी की रचनात्मक क्षमता और डिजाइनिंग स्किल्स को दिखाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। इसमें अपने स्केच, डिजाइन कॉन्सेप्ट, फैब्रिक एक्सपेरिमेंट, पैटर्न और तैयार किए गए डिजाइन शामिल किए जा सकते हैं।

    एक अच्छा पोर्टफोलियो कॉलेज में प्रवेश, इंटर्नशिप और नौकरी के दौरान अपनी क्षमता प्रस्तुत करने में मदद कर सकता है।

    6. इंटर्नशिप/इंडस्ट्री एक्सपीरियंस लें

    कोर्स के दौरान या उसके बाद फैशन हाउस, डिजाइन स्टूडियो, कपड़ों के ब्रांड या संबंधित कंपनियों में इंटर्नशिप करना उपयोगी रहता है। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव मिलता है।

    इंटर्नशिप के दौरान डिजाइनिंग के अलावा फैब्रिक सोर्सिंग, प्रोडक्शन, मर्चेंडाइजिंग, क्लाइंट कम्युनिकेशन और फैशन मार्केट को समझने का अवसर मिलता है।

    7. नौकरी या अपना फैशन ब्रांड शुरू करें

    कोर्स और जरूरी अनुभव हासिल करने के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइनर के रूप में नौकरी की शुरुआत कर सकते हैं। शुरुआत में किसी फैशन हाउस, डिजाइन स्टूडियो, गारमेंट कंपनी या फैशन ब्रांड में काम करके अनुभव हासिल करना उपयोगी हो सकता है।

    अनुभव और पर्याप्त कौशल विकसित करने के बाद विद्यार्थी अपना फैशन ब्रांड, डिजाइन स्टूडियो या ऑनलाइन फैशन बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।

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    फैशन डिजाइनर बनने के लिए योग्यता

    फैशन डिजाइनर बनने के लिए योग्यता इस बात पर निर्भर करती है कि विद्यार्थी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या स्नातक डिग्री में से कौन-सा कोर्स करना चाहता है। अलग-अलग संस्थानों की पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, निफ्ट के बी.डेस (फैशन डिजाइन) में 12वीं या समकक्ष योग्यता मांगी जाती है, जबकि बी.एफ.टेक के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स जरूरी हैं।

    10वीं के बाद विकल्प

    10वीं के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग से जुड़े डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या अन्य स्किल-बेस्ड कोर्स कर सकते हैं। इन कोर्स के माध्यम से फैशन स्केचिंग, सिलाई, पैटर्न मेकिंग, फैब्रिक और बेसिक डिजाइनिंग जैसी शुरुआती जानकारी हासिल की जा सकती है।

    हालांकि, यदि लक्ष्य किसी प्रतिष्ठित संस्थान से फैशन डिजाइनिंग में स्नातक डिग्री करना है, तो सामान्य रास्ता 12वीं पूरी करने के बाद बी.डेस या संबंधित यूजी कोर्स में प्रवेश लेना है। निफ्ट में बी.डेस के लिए 10+2 स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण होना पात्रता का हिस्सा है।

    12वीं के बाद विकल्प

    12वीं के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग में कई तरह के कोर्स कर सकते हैं। इनमें प्रमुख विकल्प हैं:

    • बी.डेस in फैशन डिजाइन

    • बी.एफ.टेक इन अपेरल प्रोडक्शन

    • फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा

    • फैशन डिजाइनिंग के सर्टिफिकेट कोर्स

    निफ्ट वर्तमान में फैशन डिजाइन में चार वर्षीय बी.डेस और अपेरल प्रोडक्शन में बी.एफ.टेक सहित कई यूजी कार्यक्रम संचालित करता है।

    क्या किसी विशेष स्ट्रीम की जरूरत है?

    बी.डेस फैशन डिजाइन के लिए सामान्यतः किसी विशेष स्ट्रीम की अनिवार्यता नहीं होती। यानी आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने वाले विद्यार्थी पात्रता पूरी होने पर आवेदन कर सकते हैं। निफ्ट के बी.डेस के लिए 10+2 स्तर की मान्य योग्यता निर्धारित है।

    हालांकि, बी.एफ.टेक जैसे तकनीकी फैशन कोर्स के लिए विषयों की शर्त अलग हो सकती है। निफ्ट के अनुसार बी.एफ.टेक के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथेमेटिक्स होना आवश्यक है।

    न्यूनतम अंक और अन्य पात्रता शर्ते

    फैशन डिजाइनिंग के लिए न्यूनतम अंक की शर्त कोर्स और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक पात्रता जरूर देखनी चाहिए।

    निफ्ट के बी.डेस के लिए 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है; इसके लिए सामान्य बी.डेस पात्रता में कोई अलग न्यूनतम प्रतिशत निर्धारित नहीं किया गया है। निफ्ट की 2026 गाइडलाइन में बी.डेस/बी.एफ.टेक के लिए अधिकतम आयु सामान्यतः 1 अगस्त को 24 वर्ष से कम निर्धारित की गई थी, जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट का प्रावधान है।

    इसलिए फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक योग्यता के साथ प्रवेश परीक्षा, आयु सीमा और संस्थान की अन्य पात्रता शर्तों की भी जांच करनी चाहिए।

    फैशन डिजाइनिंग के कौन-कौन से कोर्स करें?

    फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के लिए विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग कोर्स चुन सकते हैं। 12वीं के बाद बी.डेस, बी.एफ.टेक और बीएससी फैशन डिजाइन जैसे स्नातक पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं। वहीं, कम अवधि में कौशल विकसित करने के लिए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी विकल्प हैं।

    कोर्स

    अवधि

    किसके लिए उपयुक्त?

    बी.डेस फैशन डिजाइन

    आमतौर पर 4 वर्ष

    फैशन डिजाइनिंग में व्यापक और प्रोफेशनल करियर बनाने वाले विद्यार्थी

    बी.एफ.टेक

    आमतौर पर 4 वर्ष

    फैशन टेक्नोलॉजी, अपैरल प्रोडक्शन और तकनीकी पक्ष में रुचि रखने वाले विद्यार्थी

    बीएससी फैशन डिजाइन

    आमतौर पर 3-4 वर्ष

    फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल और संबंधित विषयों में स्नातक डिग्री चाहने वाले विद्यार्थी

    डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन

    लगभग 1-3 वर्ष

    कम अवधि में फैशन डिजाइनिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी

    सर्टिफिकेट कोर्स

    कुछ सप्ताह से 1 वर्ष या अधिक

    किसी विशेष फैशन स्किल को कम अवधि में सीखने वाले विद्यार्थी


    बी.डेस फैशन डिजाइन

    बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) इन फैशन डिजाइन फैशन डिजाइनिंग में सबसे लोकप्रिय स्नातक पाठ्यक्रमों में से एक है। इसमें फैशन डिजाइन, स्केचिंग, टेक्सटाइल, पैटर्न मेकिंग, गारमेंट कंस्ट्रक्शन और फैशन कम्युनिकेशन जैसे विषयों का अध्ययन किया जा सकता है।

    बी.एफ.टेक

    बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (बी.एफ.टेक) फैशन इंडस्ट्री के तकनीकी और उत्पादन पक्ष पर केंद्रित पाठ्यक्रम है। इसमें अपैरल प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है जिनकी रुचि फैशन के तकनीकी पक्ष में है।

    बीएससी फैशन डिजाइन

    बीएससी फैशन डिजाइन में फैशन डिजाइनिंग के साथ टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन से जुड़े विषयों का अध्ययन किया जाता है। इस कोर्स के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइन, स्टाइलिंग, टेक्सटाइल और संबंधित क्षेत्रों में करियर के विकल्प तलाश सकते हैं।

    डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन

    डिप्लोमा कोर्स आमतौर पर डिग्री प्रोग्राम की तुलना में कम अवधि के होते हैं। इनमें फैशन स्केचिंग, सिलाई, पैटर्न मेकिंग, फैब्रिक और गारमेंट डिजाइनिंग जैसी व्यावहारिक स्किल्स पर ध्यान दिया जा सकता है। 10वीं या 12वीं के बाद संस्थान की पात्रता के अनुसार ऐसे कोर्स किए जा सकते हैं।

    सर्टिफिकेट कोर्स

    सर्टिफिकेट कोर्स कम अवधि में किसी विशेष फैशन स्किल को सीखने का विकल्प देते हैं। उदाहरण के लिए, विद्यार्थी फैशन इलस्ट्रेशन, टेक्सटाइल डिजाइन, पैटर्न मेकिंग या फैशन स्टाइलिंग जैसे क्षेत्रों में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स मौजूदा स्किल को बेहतर करने या फैशन इंडस्ट्री का शुरुआती अनुभव हासिल करने में भी उपयोगी हो सकते हैं।

    फैशन डिजाइनिंग में एडमिशन के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षाएं दें?

    फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा का चयन इस बात पर निर्भर करता है कि विद्यार्थी किस संस्थान और किस कोर्स में एडमिशन लेना चाहता है। भारत में बी.डेस और फैशन डिजाइनिंग से जुड़े अन्य डिजाइन कोर्स के लिए निफ्ट इंट्रेंस एग्जाम, एनआईडी डीएटी और यूसीड प्रमुख विकल्प हैं। इसके अलावा कुछ संस्थान अपनी अलग प्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार पर भी प्रवेश देते हैं।

    निफ्ट इंट्रेंस एग्जाम

    निफ्ट में बी.डेस सहित विभिन्न डिजाइन और फैशन से जुड़े कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए NIFTEE आयोजित किया जाता है। 2026 की प्रक्रिया में बी.डेस के लिए GAT (General Ability Test) और CAT (Creative Ability Test) शामिल थे। गैट में क्वांटिटेटिव एबिलिटी, कम्युनिकेशन, एनालिटिकल एबिलिटी, इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन, सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे क्षेत्र शामिल थे, जबकि कैट में क्रिएटिविटी, विजुअलाइजेशन और ड्रॉइंग जैसी क्षमताओं का आकलन किया गया।

    एनआईडी डीएटी

    एनआईडी डीएटी (डिजाइन एप्टीट्यूट टेस्ट) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के डिजाइन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। इसमें डिजाइन एप्टीट्यूड, क्रिएटिव सोच, विजुअलाइजेशन और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का आकलन किया जाता है। एनआईडी के बी.डेस में प्रवेश की प्रक्रिया और पात्रता हर प्रवेश वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार देखनी चाहिए।

    यूसीड

    आईआईटी बाम्बे द्वारा UCEED (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) आयोजित डिजाइन प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुढ़की और आईआईटीडीएम जबलपुर के बी.डेस कार्यक्रमों में प्रवेश होता है। कई अन्य संस्थान भी यूसीड स्कोर स्वीकार करते हैं।

    यूसीड के जरिए बी.डेस में प्रवेश के लिए 2026 की पात्रता में साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज़—किसी भी स्ट्रीम से 12वीं उत्तीर्ण या 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी शामिल हो सकते थे।

    अन्य डिजाइन प्रवेश परीक्षाएं

    निफ्ट, एनआईडी डीएटी और यूसीड के अलावा कुछ विश्वविद्यालय और डिजाइन संस्थान अपनी अलग प्रवेश परीक्षा, डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट, पोर्टफोलियो मूल्यांकन या मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया अपना सकते हैं। इसलिए जिस कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया जरूर जांचें।

    कॉलेज-वाइज एडमिशन प्रोसेस

    संस्थान/प्रवेश मार्ग

    प्रवेश प्रक्रिया

    निफ्ट

    NIFTEE के माध्यम से आवेदन, प्रवेश परीक्षा और निर्धारित चयन प्रक्रिया

    एनआईडी

    डीएटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया

    IITs/IIITDM के बी.डेस

    यूसीड परीक्षा, इसके बाद बी.डेस प्रवेश प्रक्रिया

    यूसीड के माध्यम से प्रवेश

    यूसीड स्कोर के आधार पर संबंधित संस्थान की अपनी प्रवेश प्रक्रिया

    अन्य कॉलेज/विश्वविद्यालय

    संस्थान की प्रवेश परीक्षा, मेरिट, पोर्टफोलियो या अन्य निर्धारित प्रक्रिया

    यूसीड की आधिकारिक सूची के अनुसार कई इंस्टिट्यूट यूसीड स्कोर का उपयोग करते हैं, लेकिन इनमें से प्रत्येक संस्थान की आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया अलग हो सकती है।

    ध्यान दें: प्रवेश परीक्षा और पात्रता के नियम हर वर्ष बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान की उस वर्ष की आधिकारिक एडमिशन गाइडलाइन जरूर पढ़ें।

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    फैशन डिजाइनर बनने के लिए जरूरी स्किल्स

    फैशन डिजाइनिंग में सफल करियर के लिए केवल फैशन में रुचि होना पर्याप्त नहीं है। एक फैशन डिजाइनर को रचनात्मकता के साथ डिजाइनिंग, कपड़ा, स्केचिंग और तकनीकी कौशल की भी समझ होनी चाहिए। इन कौशलों को कोर्स के दौरान लगातार अभ्यास करके बेहतर बनाया जा सकता है।

    1. फैशन चित्रांकन (Fashion Illustration)

    फैशन चित्रांकन के जरिए डिजाइनर अपने कपड़ों और कलेक्शन के आइडिया को चित्र के रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें मानव आकृति, कपड़ों की फिटिंग, सिलवटों, बनावट और डिजाइन को स्केच के माध्यम से दिखाने की क्षमता उपयोगी होती है।

    2. रेखाचित्र बनाना (Sketching)

    रेखाचित्र बनाना फैशन डिजाइनिंग की बुनियादी स्किल्स में से एक है। डिजाइनर को अपने आइडिया को जल्दी और स्पष्ट रूप से रेखाचित्र में बदलना आना चाहिए। हाथ से रेखाचित्र बनाने के साथ डिजिटल स्केचिंग (Digital Sketching) का अभ्यास भी किया जा सकता है।

    3. रंगों की समझ (Colour Sense)

    कपड़ों और फैशन कलेक्शन में सही रंगों का चुनाव महत्वपूर्ण होता है। डिजाइनर को रंग संयोजन, रंग पैलेट और अलग-अलग रंगों के प्रभाव की समझ होनी चाहिए। इससे डिजाइन को आकर्षक और अवसर के अनुरूप बनाने में मदद मिलती है।

    4. कपड़े और वस्त्र की जानकारी (Fabric & Textile Knowledge)

    फैशन डिजाइनर के लिए अलग-अलग फैब्रिक और टेक्सटाइल की जानकारी जरूरी है। सूती, रेशमी, लिनन, डेनिम, ऊनी और सिंथेटिक कपड़ों जैसे विभिन्न मटेरियल की विशेषताओं को समझना डिजाइन तैयार करने में मदद करता है। कपड़े की बनावट, वजन, गिरावट और उपयोग के बारे में जानकारी भी महत्वपूर्ण है।

    5. पैटर्न निर्माण (Pattern Making)

    पैटर्न निर्माण में कपड़े की कटिंग के लिए आवश्यक पैटर्न तैयार किए जाते हैं। डिजाइन को वास्तविक परिधान में बदलने के लिए शरीर के माप, पैटर्न की संरचना और कटिंग तकनीक की समझ जरूरी होती है।

    6. परिधान निर्माण (Garment Construction)

    परिधान निर्माण के तहत डिजाइन को वास्तविक कपड़े में तैयार करने की प्रक्रिया समझी जाती है। इसमें कटिंग, सिलाई, फिटिंग और फिनिशिंग जैसी तकनीकों की जानकारी शामिल होती है। डिजाइनर को इन प्रक्रियाओं की कम से कम बुनियादी समझ जरूर होनी चाहिए।

    7. कंप्यूटर आधारित डिजाइन और डिजाइन सॉफ्टवेयर (CAD/Design Software)

    आज फैशन इंडस्ट्री में डिजिटल डिजाइनिंग का महत्व बढ़ गया है। इसलिए विद्यार्थियों को फैशन डिजाइनिंग में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर आधारित डिजाइन (CAD) और अन्य डिजाइन सॉफ्टवेयर सीखने चाहिए। इससे डिजिटल स्केच, पैटर्न, तकनीकी ड्रॉइंग और डिजाइन प्रेजेंटेशन तैयार करने में मदद मिलती है।

    8. रचनात्मकता और फैशन ट्रेंड की समझ (Creativity and Trend Awareness)

    फैशन इंडस्ट्री तेजी से बदलती है, इसलिए डिजाइनर को नए फैशन ट्रेंड और ग्राहकों की बदलती पसंद पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, केवल ट्रेंड को कॉपी करने के बजाय उसमें अपनी रचनात्मक सोच और डिजाइन आइडिया जोड़ना महत्वपूर्ण है।

    फैशन डिजाइनिंग में पोर्टफोलियो आपकी रचनात्मक सोच, डिजाइन कौशल और काम करने के तरीके को दिखाता है। कॉलेज में प्रवेश, इंटर्नशिप या नौकरी के दौरान एक अच्छा पोर्टफोलियो आपकी प्रतिभा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद कर सकता है।

    ये भी पढ़ें :

    फैशन डिजाइनिंग में पोर्टफोलियो कैसे बनाएं?

    फैशन डिजाइनिंग में पोर्टफोलियो तैयार करना आपकी रचनात्मकता और डिजाइनिंग क्षमता को प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। पोर्टफोलियो में केवल तैयार कपड़ों या डिजाइनों की तस्वीरें ही नहीं, बल्कि डिजाइन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे यह पता चलता है कि आप किसी विचार को किस तरह विकसित करके अंतिम डिजाइन तक पहुंचाते हैं।

    पोर्टफोलियो में क्या शामिल करें?

    एक अच्छे फैशन डिजाइनिंग पोर्टफोलियो में निम्नलिखित चीजों को शामिल किया जा सकता है:

    रेखाचित्र (Sketches):
    अपने बनाए हुए फैशन रेखाचित्रों को पोर्टफोलियो में शामिल करें। इसमें अलग-अलग परिधानों, आकृतियों, डिजाइन और सिल्हूट से जुड़े रेखाचित्र हो सकते हैं। केवल बहुत अधिक रेखाचित्र जोड़ने के बजाय अपने सबसे अच्छे और अलग-अलग प्रकार के काम को चुनें।

    विचार पट्टिका (Mood Boards):
    मूड बोर्ड के माध्यम से अपने डिजाइन के पीछे की प्रेरणा को दिखाएं। इसमें रंग, कपड़े, बनावट, तस्वीरें और अन्य दृश्य तत्व शामिल किए जा सकते हैं। इससे आपके डिजाइन विचार और उसकी थीम को समझने में आसानी होती है।

    डिजाइन अवधारणाएं (Design Concepts):
    आपने किसी डिजाइन को बनाने का विचार कैसे विकसित किया, इसे संक्षेप में बताएं। डिजाइन की थीम, प्रेरणा, रंगों के चुनाव और परिधान की विशेषताओं को स्पष्ट किया जा सकता है।

    तैयार प्रोजेक्ट (Finished Projects):
    अपने पूरे किए गए डिजाइन प्रोजेक्ट्स को पोर्टफोलियो में प्रमुखता से शामिल करें। तैयार परिधान की साफ और अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीरों के साथ डिजाइन की विशेषताओं और उसमें इस्तेमाल की गई तकनीकों की जानकारी दें।

    पोर्टफोलियो को कैसे प्रस्तुत करें?

    • पोर्टफोलियो की शुरुआत अपने सबसे अच्छे और प्रभावशाली काम से करें।

    • सभी डिजाइन को एक व्यवस्थित क्रम में रखें।

    • प्रत्येक प्रोजेक्ट के साथ उसका नाम, थीम और संक्षिप्त विवरण दें।

    • बहुत अधिक सामग्री भरने के बजाय चुनिंदा और बेहतर काम शामिल करें।

    • तस्वीरों और रेखाचित्रों की गुणवत्ता अच्छी रखें।

    • रंगों, फॉन्ट और पेज डिजाइन में एकरूपता बनाए रखें।

    • डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया को भी दिखाएं, केवल अंतिम परिणाम को नहीं।

    • पोर्टफोलियो को पीडीएफ के साथ-साथ डिजिटल प्रारूप में भी तैयार रखना उपयोगी हो सकता है।

    • समय-समय पर नए प्रोजेक्ट और बेहतर काम जोड़कर पोर्टफोलियो को अपडेट करते रहें।

    एक मजबूत पोर्टफोलियो में रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और डिजाइन सोच तीनों दिखाई देनी चाहिए। कॉलेज प्रवेश या नौकरी के लिए पोर्टफोलियो तैयार करते समय उस संस्थान या कंपनी की आवश्यकताओं के अनुसार इसकी सामग्री और प्रस्तुति में बदलाव करना बेहतर रहता है।

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    फैशन डिजाइनिंग के लिए टॉप कॉलेज

    फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के लिए सही कॉलेज का चुनाव महत्वपूर्ण है। भारत में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) के अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), पर्ल एकेडमी और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) जैसे संस्थान भी फैशन और डिजाइन से जुड़े पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।

    प्रमुख फैशन और डिजाइन कॉलेज

    कॉलेज/संस्थान

    प्रमुख पाठ्यक्रम

    एडमिशन का रास्ता

    निफ्ट

    बी.डेस फैशन डिजाइन, कपड़ा डिज़ाइन, फैशन कम्युनिकेशन आदि

    NIFTEE

    एनआईडी

    बी.डेस

    डिजाइन एप्टिट्यूट टेस्ट (DAT)

    पर्ल एकेडमी

    बी.डेस फैशन डिजाइन और अन्य डिजाइन पाठ्यक्रम

    प्रवेश परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार

    एफडीडीआई

    बी.डेस फैशन डिजाइन, फुटवियर डिजाइन आदि

    ऑल इंडिया सेलेक्शन टेस्ट (AIST)

    अन्य डिजाइन कॉलेज

    बी.डेस, बीएससी, डिप्लोमा आदि

    संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार

    निफ्ट कैंपस

    निफ्ट भारत के प्रमुख फैशन शिक्षा संस्थानों में से एक है। इसके 19 कैंपस में फैशन डिजाइन सहित कई डिजाइन और फैशन से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। 2026 के कैंपस-वाइज विवरण में बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चेन्नई, दमन, दिल्ली, गांधीनगर, हैदराबाद, जोधपुर, कांगड़ा, कन्नूर, कोलकाता, मुंबई, पटना, पंचकुला, रायबरेली, शिलांग, श्रीनगर और वाराणसी जैसे कैंपस शामिल हैं।

    निफ्ट में बी.डेस फैशन डिजाइन में प्रवेश के लिए NIFTEE आयोजित किया जाता है। 2026 की प्रवेश प्रक्रिया में यूजी पाठ्यक्रमों के लिए सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) और रचनात्मक योग्यता परीक्षा (CAT) निर्धारित थी। इसके बाद लागू चरणों और काउंसलिंग के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।

    अन्य प्रमुख फैशन और डिजाइन संस्थान

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID):
    एनआईडी में बैचलर ऑफ डिजाइन (बी.डेस) पाठ्यक्रम उपलब्ध है। एनआईडी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रवेश दो चरणों वाली डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट (DAT) प्रक्रिया के आधार पर होता है।

    पर्ल एकेडमी (Pearl Academy):


    पर्ल एकेडमी में फैशन और डिजाइन से जुड़े बैचलर स्तर के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया में आवेदन के बाद ऑनलाइन लिखित परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल हैं। बैचलर पाठ्यक्रमों के लिए 12वीं पास विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

    फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI):


    एफडीडीआई में बी.डेस फैशन डिजाइन के साथ फुटवियर डिजाइन और अन्य डिजाइन पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। 2026 की प्रवेश प्रक्रिया में दाखिले के लिए ऑल इंडिया सेलेक्शन टेस्ट (AIST) का प्रावधान है।

    कॉलेज चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?

    फैशन डिजाइनिंग कॉलेज का चुनाव करते समय केवल कॉलेज के नाम पर निर्भर न रहें। पाठ्यक्रम, फीस, उपलब्ध सुविधाएं, कैंपस, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप के अवसर और प्रवेश प्रक्रिया को भी देखें। साथ ही, जिस क्षेत्र में आपकी रुचि है—जैसे फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन कम्युनिकेशन या फैशन टेक्नोलॉजी—उसके अनुसार पाठ्यक्रम चुनना बेहतर रहेगा।

    फैशन डिजाइनर बनने के बाद करियर विकल्प

    फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी फैशन उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। कुछ प्रमुख करियर विकल्प इस प्रकार हैं:

    1. फैशन डिजाइनर (Fashion Designer)

    फैशन डिजाइनर नए परिधानों और फैशन कलेक्शन की कल्पना और डिजाइन तैयार करते हैं। वे रंग, कपड़े, पैटर्न और परिधान की शैली पर काम करते हैं। फैशन डिजाइनर किसी फैशन कंपनी, डिजाइन हाउस में नौकरी कर सकते हैं या अपना ब्रांड शुरू कर सकते हैं।

    2. सहायक डिजाइनर (Assistant Designer)

    सहायक डिजाइनर वरिष्ठ डिजाइनर के साथ काम करते हैं और डिजाइन तैयार करने, नमूने बनाने, कपड़े चुनने तथा कलेक्शन तैयार करने की प्रक्रिया में सहयोग करते हैं। शुरुआती करियर में यह भूमिका उद्योग का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अच्छा अवसर देती है।

    3. वस्त्र डिजाइनर (Textile Designer)

    वस्त्र डिजाइनर कपड़ों के लिए प्रिंट, पैटर्न, रंग संयोजन और सतह की डिजाइन तैयार करते हैं। वे फैशन ब्रांड, वस्त्र कंपनियों और डिजाइन स्टूडियो में काम कर सकते हैं।

    4. फैशन चित्रकार (Fashion Illustrator)

    फैशन चित्रकार परिधानों और फैशन विचारों को रेखाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। वे डिजाइन की प्रारंभिक अवधारणा को दृश्य रूप देने में फैशन डिजाइनरों की मदद करते हैं।

    5. फैशन स्टाइलिस्ट (Fashion Stylist)

    फैशन स्टाइलिस्ट किसी व्यक्ति, फोटोशूट, विज्ञापन, फैशन शो या अन्य कार्यक्रम के लिए कपड़े, रंग, एक्सेसरीज और पूरे लुक का चयन करते हैं। इस क्षेत्र में फैशन ट्रेंड की अच्छी समझ और रचनात्मकता महत्वपूर्ण होती है।

    6. कॉस्ट्यूम डिजाइनर (Costume Designer)

    कॉस्ट्यूम डिजाइनर फिल्मों, टेलीविजन, थिएटर और अन्य प्रस्तुतियों के लिए पात्रों के अनुरूप परिधानों की योजना और डिजाइन तैयार करते हैं। इसमें कहानी, समयकाल, पात्र और दृश्य शैली को ध्यान में रखा जाता है।

    7. फैशन मर्चेंडाइजर (Fashion Merchandiser)

    फैशन मर्चेंडाइजर डिजाइन और बाजार की जरूरत के बीच समन्वय का काम करते हैं। वे ग्राहकों की पसंद, बाजार के रुझान, उत्पाद की मांग और बिक्री से जुड़े पहलुओं को समझकर फैशन उत्पादों की योजना बनाने में योगदान देते हैं।

    8. फैशन उद्यमी (Fashion Entrepreneur)

    फैशन डिजाइनिंग का ज्ञान रखने वाले विद्यार्थी अपना फैशन ब्रांड, कपड़ों का व्यवसाय या डिजाइन स्टूडियो शुरू कर सकते हैं। इसके लिए डिजाइनिंग के साथ-साथ व्यवसाय प्रबंधन, विपणन, ग्राहक व्यवहार और वित्त की समझ भी उपयोगी होती है।

    फैशन डिजाइनिंग के बाद प्रमुख करियर विकल्प

    करियर विकल्प

    मुख्य कार्य

    फैशन डिजाइनर

    नए परिधान और फैशन कलेक्शन तैयार करना

    सहायक डिजाइनर

    वरिष्ठ डिजाइनर के काम में सहयोग करना

    वस्त्र डिजाइनर

    कपड़ों के प्रिंट और पैटर्न तैयार करना

    फैशन चित्रकार

    फैशन विचारों के रेखाचित्र बनाना

    फैशन स्टाइलिस्ट

    परिधान और पूरे लुक को तैयार करना

    कॉस्ट्यूम डिजाइनर

    फिल्मों, टीवी और थिएटर के लिए परिधान डिजाइन करना

    फैशन मर्चेंडाइजर

    फैशन उत्पादों और बाजार की मांग के बीच समन्वय करना

    फैशन उद्यमी

    अपना फैशन ब्रांड या व्यवसाय शुरू करना


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    फैशन डिजाइनर की सैलरी कितनी होती है?

    फैशन डिजाइनर की सैलरी कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे शैक्षणिक योग्यता, डिजाइनिंग कौशल, कार्य अनुभव, कंपनी या डिजाइन हाउस का स्तर और कार्य का स्थान। फ्रेशर के तौर पर करियर शुरू करने वाले डिजाइनरों की शुरुआती सैलरी सामान्यतः मध्यम स्तर की होती है। अनुभव और बेहतर पोर्टफोलियो के साथ आय में वृद्धि हो सकती है।

    फ्रेशर फैशन डिजाइनर की सैलरी

    फैशन डिजाइनिंग का कोर्स पूरा करने के बाद फ्रेशर सहायक डिजाइनर, जूनियर डिजाइनर या फैशन डिजाइनर के रूप में करियर शुरू कर सकते हैं। शुरुआती वेतन कंपनी, शहर और उम्मीदवार के कौशल के अनुसार अलग-अलग होता है।

    एक अच्छे पोर्टफोलियो, इंटर्नशिप के अनुभव और डिजाइन सॉफ्टवेयर की जानकारी से शुरुआती नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

    अनुभव के अनुसार फैशन डिजाइनर की सैलरी

    अनुभव बढ़ने के साथ फैशन डिजाइनर अधिक जिम्मेदारी वाले पदों पर काम कर सकते हैं। वरिष्ठ डिजाइनर, डिजाइन प्रमुख या कलेक्शन प्रमुख जैसे पदों पर वेतन शुरुआती स्तर की तुलना में अधिक हो सकता है।

    अनुभव

    संभावित करियर स्तर

    आय पर प्रभाव

    0–2 वर्ष

    फ्रेशर/जूनियर डिजाइनर

    शुरुआती स्तर की आय

    2–5 वर्ष

    फैशन डिजाइनर/मध्य स्तर के डिजाइनर

    अनुभव के साथ आय में वृद्धि

    5–10 वर्ष

    वरिष्ठ फैशन डिजाइनर

    अधिक जिम्मेदारी और बेहतर आय

    10+ वर्ष

    वरिष्ठ डिजाइन प्रमुख/क्रिएटिव प्रमुख

    विशेषज्ञता और पद के अनुसार अधिक आय

    नोट: ये अनुभव-स्तर केवल सामान्य करियर मार्ग को दर्शाते हैं। वास्तविक सैलरी कंपनी, शहर, विशेषज्ञता और उम्मीदवार के पोर्टफोलियो के अनुसार काफी अलग हो सकती है।

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    ब्रांड या डिजाइन हाउस में नौकरी बनाम फ्रीलांस काम

    फैशन डिजाइनर के लिए नियमित नौकरी और फ्रीलांस काम, दोनों में अलग-अलग अवसर होते हैं।

    ब्रांड या डिजाइन हाउस:
    फैशन कंपनी या डिजाइन हाउस में नौकरी करने पर नियमित वेतन, टीम के साथ काम करने का अवसर और उद्योग का अनुभव मिलता है। बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांडों में अनुभव तथा जिम्मेदारी बढ़ने के साथ वेतन भी बढ़ सकता है।

    फ्रीलांस फैशन डिजाइनर:


    फ्रीलांस डिजाइनर अलग-अलग ग्राहकों या ब्रांडों के लिए प्रोजेक्ट के आधार पर काम करते हैं। उनकी कमाई प्रोजेक्ट की संख्या, काम की प्रकृति, ग्राहक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर निर्भर करती है। इसलिए फ्रीलांस आय हर महीने समान होना जरूरी नहीं है।

    अपना फैशन व्यवसाय शुरू करने पर कमाई

    फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई के बाद विद्यार्थी अपना फैशन ब्रांड, बुटीक या डिजाइन स्टूडियो भी शुरू कर सकते हैं। इस स्थिति में कमाई निश्चित वेतन के बजाय व्यवसाय की बिक्री और लाभ पर निर्भर करती है।

    अपने व्यवसाय में शुरुआती समय में निवेश, उत्पादन, कच्चे माल, मार्केटिंग और अन्य खर्चों के कारण लाभ सीमित हो सकता है। वहीं, ब्रांड की पहचान बनने और ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर कमाई के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

    इसलिए फैशन डिजाइनिंग में करियर चुनने वाले विद्यार्थियों को केवल शुरुआती सैलरी पर ध्यान देने के बजाय पोर्टफोलियो, डिजाइनिंग कौशल, उद्योग अनुभव और व्यवसायिक समझ विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

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    10वीं के बाद फैशन डिजाइनर कैसे बनें?

    10वीं कक्षा के बाद फैशन डिजाइनर बनने की तैयारी शुरू की जा सकती है। इस स्तर पर विद्यार्थियों को फैशन डिजाइनिंग की मूल बातें सीखने, रचनात्मक कौशल विकसित करने और डिप्लोमा या प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम करने का विकल्प मिलता है। हालांकि, यदि लक्ष्य बी.डेस फैशन डिजाइन जैसी स्नातक डिग्री करना है, तो पहले 12वीं कक्षा पूरी करनी होगी।

    10वीं के बाद डिप्लोमा कोर्स करें

    10वीं के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग, परिधान डिजाइन, सिलाई-कढ़ाई या टेक्सटाइल से जुड़े डिप्लोमा पाठ्यक्रम कर सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों में डिजाइन की मूल बातें, कपड़ों की जानकारी, रेखाचित्र बनाना, पैटर्न निर्माण और परिधान तैयार करने जैसी चीजें सिखाई जा सकती हैं।

    डिप्लोमा करने से विद्यार्थियों को फैशन उद्योग की शुरुआती समझ और व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलती है।

    प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम से शुरुआत करें

    यदि विद्यार्थी लंबी अवधि का डिप्लोमा नहीं करना चाहते हैं, तो फैशन डिजाइनिंग से जुड़े प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी कर सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों में फैशन चित्रांकन, कपड़े और रंगों की समझ, सिलाई, कढ़ाई या कंप्यूटर आधारित डिजाइन जैसे विषयों पर ध्यान दिया जा सकता है।

    12वीं की पढ़ाई पूरी करें

    10वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग में आगे बढ़ने के लिए 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी करना महत्वपूर्ण है। स्नातक स्तर के बी.डेस, बीएससी या अन्य फैशन डिजाइनिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्यतः 12वीं पास होना आवश्यक होता है।

    विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार किसी भी उपयुक्त स्ट्रीम से 12वीं कर सकते हैं, हालांकि कुछ विशेष पाठ्यक्रमों में विषय संबंधी अतिरिक्त पात्रता हो सकती है।

    10वीं के बाद डिजाइनिंग स्किल विकसित करें

    इस दौरान विद्यार्थी अपनी रचनात्मक और तकनीकी क्षमताओं पर काम कर सकते हैं। इसके लिए नियमित रूप से:

    • फैशन रेखाचित्र बनाएं।

    • रंग संयोजन का अभ्यास करें।

    • अलग-अलग कपड़ों और बनावट को समझें।

    • नए डिजाइन और परिधानों की अवधारणाएं तैयार करें।

    • सिलाई और परिधान निर्माण की बुनियादी जानकारी लें।

    • कंप्यूटर आधारित डिजाइन (CAD) के बारे में सीखें।

    • अपने बनाए हुए डिजाइन का पोर्टफोलियो तैयार करना शुरू करें।

    12वीं के बाद डिग्री कोर्स करें

    12वीं पूरी करने के बाद विद्यार्थी बी.डेस फैशन डिजाइन, बीएससी फैशन डिजाइन जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए संबंधित प्रवेश परीक्षा भी देनी पड़ सकती है।

    इस तरह 10वीं के बाद फैशन डिजाइनर बनने का एक सामान्य रास्ता इस प्रकार हो सकता है:

    10वीं → डिप्लोमा/प्रमाणपत्र या कौशल विकास → 12वीं → फैशन डिजाइनिंग में स्नातक कोर्स → इंटर्नशिप → नौकरी/फैशन व्यवसाय

    इसलिए 10वीं के बाद सीधे फैशन डिजाइनर की नौकरी पाने के बजाय पहले शिक्षा, डिजाइनिंग कौशल और पोर्टफोलियो पर ध्यान देना बेहतर है। इससे 12वीं के बाद उच्च स्तर के फैशन डिजाइनिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश और आगे करियर बनाने की मजबूत नींव तैयार होती है।

    12वीं के बाद फैशन डिजाइनर कैसे बनें?

    12वीं कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर फैशन डिजाइनर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए किसी विशेष स्ट्रीम की अनिवार्यता आमतौर पर नहीं होती, हालांकि कुछ पाठ्यक्रमों में विषय संबंधी शर्तें अलग हो सकती हैं। 12वीं के बाद फैशन डिजाइनर बनने का रास्ता इस प्रकार समझा जा सकता है।

    स्ट्रीम की आवश्यकता

    बी.डेस फैशन डिजाइन जैसे कई डिजाइन पाठ्यक्रमों में 12वीं किसी भी स्ट्रीम से पास विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। यानी कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों स्ट्रीम के विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग में आगे बढ़ सकते हैं।

    हालांकि, यदि विद्यार्थी बी.एफ.टेक जैसे फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो संबंधित संस्थान की विषय संबंधी पात्रता देखना जरूरी है। उदाहरण के लिए, कुछ पाठ्यक्रमों में 12वीं में गणित और भौतिक विज्ञान जैसे विषयों की आवश्यकता हो सकती है।

    12वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग के डिग्री विकल्प

    12वीं के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग पाठ्यक्रम चुन सकते हैं।

    डिग्री कोर्स

    किस क्षेत्र पर फोकस

    बी.डेस फैशन डिजाइन

    फैशन और परिधान डिजाइन

    बी.डेस टेक्सटाइल डिजाइन

    कपड़े, प्रिंट और टेक्सटाइल डिजाइन

    बी.डेस फैशन कम्यूनिकेशन

    फैशन ब्रांडिंग, संचार और दृश्य प्रस्तुति

    बी.एफ.टेक

    फैशन टेक्नोलॉजी और परिधान उत्पादन

    बीएससी फैशन डिजाइन

    फैशन डिजाइनिंग और संबंधित तकनीकी ज्ञान

    फैशन डिजाइनिंग के लिए प्रवेश परीक्षाएं

    प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को संबंधित प्रवेश परीक्षा देनी पड़ सकती है। प्रमुख परीक्षाओं में निफ्ट इंट्रेंस एग्जाम/NIFTEE, एनआईडी डीएटी और यूसीड शामिल हैं।

    • निफ्ट/NIFTEE: निफ्ट के बी.डेस और अन्य यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए।

    • एनआईडी डीएटी: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के बी.डेस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए।

    • यूसीड: आईआईटी और कुछ अन्य संस्थानों के बी.डेस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए।

    • इसके अलावा कुछ निजी और अन्य संस्थान अपनी अलग प्रवेश परीक्षा या चयन प्रक्रिया आयोजित कर सकते हैं।

    प्रत्येक परीक्षा की पात्रता, परीक्षा पैटर्न और प्रवेश प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए।

    सही कॉलेज का चयन कैसे करें?

    फैशन डिजाइनिंग कॉलेज चुनते समय केवल संस्थान की लोकप्रियता पर ध्यान न दें। इन बातों की तुलना करना उपयोगी रहेगा:

    • उपलब्ध फैशन डिजाइनिंग पाठ्यक्रम

    • प्रवेश परीक्षा और पात्रता

    • पाठ्यक्रम की फीस

    • डिजाइन स्टूडियो और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं

    • इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़ने के अवसर

    • प्लेसमेंट और करियर सहायता

    • संस्थान की प्रतिष्ठा और पूर्व छात्रों का अनुभव

    • कॉलेज का स्थान और रहने का खर्च

    निफ्ट, एनआईडी और अन्य प्रतिष्ठित डिजाइन संस्थानों के पाठ्यक्रम और प्रवेश प्रक्रिया की तुलना करके विद्यार्थी अपने लक्ष्य के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं।

    12वीं के बाद फैशन डिजाइनर बनने का करियर पाथवे

    12वीं के बाद फैशन डिजाइनर बनने के लिए विद्यार्थी निम्न चरणों का पालन कर सकते हैं:

    12वीं पास करें → प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें → फैशन डिजाइनिंग में डिग्री कोर्स करें → डिजाइनिंग और तकनीकी कौशल विकसित करें → पोर्टफोलियो तैयार करें → इंटर्नशिप करें → फैशन कंपनी/डिजाइन हाउस में नौकरी करें या अपना व्यवसाय शुरू करें।

    डिग्री के दौरान विद्यार्थियों को फैशन चित्रांकन, रेखाचित्र बनाना, कपड़े और वस्त्र की जानकारी, पैटर्न निर्माण, परिधान निर्माण और कंप्यूटर आधारित डिजाइन (CAD) जैसे कौशल विकसित करने चाहिए। इसके साथ इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव हासिल करना भी महत्वपूर्ण है।

    इस तरह 12वीं के बाद सही डिग्री, प्रवेश परीक्षा, कॉलेज और कौशल का चुनाव करके विद्यार्थी फैशन डिजाइनिंग में एक मजबूत करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

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    12वीं के बाद निफ्ट में एडमिशन कैसे लें? जानें योग्यता, परीक्षा, काउंसलिंग और पूरी प्रक्रिया

    Frequently Asked Questions (FAQs)

    Q: फैशन डिजाइनर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?
    A:

    12वीं के बाद बी.डेस फैशन डिजाइन फैशन डिजाइनर बनने के प्रमुख स्नातक पाठ्यक्रमों में से एक है। इसके अलावा बीएससी फैशन डिजाइन, डिप्लोमा और अन्य संबंधित पाठ्यक्रम भी किए जा सकते हैं। कोर्स का चुनाव विद्यार्थी की रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार किया जाना चाहिए।

    Q: क्या 10वीं के बाद फैशन डिजाइनर बन सकते हैं?
    A:

    हां, 10वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग से जुड़े डिप्लोमा या प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं और डिजाइनिंग कौशल विकसित किया जा सकता है। हालांकि, बी.डेस जैसी स्नातक डिग्री के लिए सामान्यतः 12वीं पास करना आवश्यक होता है।

    Q: 12वीं के बाद फैशन डिजाइनर कैसे बनें?
    A:

    12वीं के बाद विद्यार्थी बी.डेस फैशन डिजाइन या संबंधित स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए निफ्ट/NIFTEE, एनआईडी डीएटी या यूसीड जैसी प्रवेश परीक्षाएं देनी पड़ सकती हैं। डिग्री के दौरान कौशल और पोर्टफोलियो विकसित करने के बाद इंटर्नशिप और नौकरी के जरिए करियर की शुरुआत की जा सकती है।

    Q: फैशन डिजाइनर बनने के लिए कौन सी परीक्षा देनी होती है?
    A:

    यह चुने गए कॉलेज पर निर्भर करता है। प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में NIFT इंट्रेंस एग्जाम/NIFTEE, एनआईडी डीएटी और यूसीड शामिल हैं। कुछ संस्थान अपनी अलग प्रवेश परीक्षा या चयन प्रक्रिया भी आयोजित कर सकते हैं।

    Q: फैशन डिजाइनर की शुरुआती सैलरी कितनी होती है?
    A:

    फैशन डिजाइनर की शुरुआती सैलरी निश्चित नहीं होती। यह कंपनी, शहर, पद, उम्मीदवार की योग्यता, कौशल और पोर्टफोलियो के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ आय में भी वृद्धि हो सकती है।

    Q: क्या फैशन डिजाइनिंग के लिए ड्रॉइंग आना जरूरी है?
    A:

    फैशन डिजाइनिंग में रेखाचित्र बनाना (Sketching) और फैशन चित्रांकन का कौशल उपयोगी है, क्योंकि डिजाइन विचारों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करना पड़ता है। हालांकि, शुरुआत से ही बहुत अच्छा चित्रकार होना जरूरी नहीं है। नियमित अभ्यास से रेखाचित्र और डिजाइन प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित की जा सकती है।

    Q: फैशन डिजाइनर बनने में कितने साल लगते हैं?
    A:

    यह चुने गए पाठ्यक्रम पर निर्भर करता है। 12वीं के बाद बी.डेस या अन्य संबंधित स्नातक पाठ्यक्रम आमतौर पर लगभग 4 वर्ष के होते हैं। इसके बाद इंटर्नशिप और शुरुआती नौकरी के जरिए व्यावहारिक अनुभव हासिल किया जाता है। यदि 10वीं के बाद डिप्लोमा या प्रमाणपत्र से शुरुआत की जाती है, तो कुल समय पाठ्यक्रम की अवधि और आगे की पढ़ाई के अनुसार अलग हो सकता है।

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    If your NIFT B.Des. entrance exam is approaching, focus on revision rather than learning new topics.

    • Revise design principles, colour theory, perspective, and composition.
    • Practise quick sketches within a time limit.
    • Solve previous years' question papers to understand the exam pattern.
    • Improve observation skills by sketching everyday objects.
    • Carry all

    HELLO,

    I am providing you the link below through which you will be able to download the NIFT Question papers with solutions PDF

    Here is the link :-

    https://design.careers360.com/articles/nift-question-paper

    In the above link , you will get the direct links to download the year vise question papers with solutions ,

    Hello,

    Yes, a diploma holder in Computer Engineering can apply for the NIFT entrance exam , but only through the lateral entry route.

    NIFT allows candidates with a 3-year or 4-year engineering diploma from a recognized board to apply for B.F.Tech (Fashion Technology) through lateral entry. The diploma must be